राजस्थान सरकार ई-गवर्नेंस क्षेत्र में बेहतर प्रयास करने में जुटी हुई है। नवीनतम बजट 2023-24 में माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा साइबर और डाटा सिक्योरिटी को बेहतर बनाने के लिए राजीव गाँधी सेंटर फॉर आईटी डेवलपमेंट एंड ई गवर्नेंस की घोषणा की है। इससे राज्य में साइबर और डाटा सिक्योरिटी अत्यधिक बेहतर हो जाएगी। जिससे आने वाले समय होने वाले सभी प्रकार की साइबर क्राइम और अन्य अनैतिक ऑनलाइन गतिविधियां के रोकथाम में सहायता मिलेगी।
राजीव गाँधी सेंटर फॉर आईटी डेवलपमेंट एंड ई गवर्नेंस उद्देश्य
राजस्थान सरकार द्वारा विकसित किए जा रहे इस आधुनिक सेंटर का उद्देश्य आधुनिक तकनीको के द्वारा सरकारी क्रियाकलापों को बेहतर बनाने के लिए उच्च कोटि की शिक्षा प्रदान करना है। जिससे वर्तमान में होने वाले सरकारी कार्यो को सुचारू रूप से क्रियान्वित किया जा सके ।
राजीव गांधी सेंटर फॉर आईटी डेवलपमेंट एंड ई गवर्नेंस के कार्य
इस सेंटर के माध्यम से विभिन्न प्रकार की आधुनिक तकनीकों को इस्तेमाल में लाकर सरकारी क्रियाकलापों को आसान एवं सुरक्षित बनाने के लिए निम्न प्रकार की टेक्नोलॉजी विकसित कि जाएगी।
ब्लॉकचेन
जो कि विकेंद्रीकरण तकनीक है जिसके माध्यम से सरकारी डाटा बहुत ही सुरक्षित हो जाता है यह वर्तमान में चल रही सबसे बेहतरीन आधुनिक सुरक्षा प्रणाली है।
डाटा सिक्योरिटी
वर्तमान में डेटा सुरक्षा सरकार के लिए एक बहुत बड़ी चुनौती है। जिस प्रकार वर्तमान समय में चलाई जा रही सभी योजनाएं ऑनलाइन माध्यम से संचालित हो रही है। इसे देखते हुए डेटा सुरक्षा को ध्यान में रखना सरकार का दायित्व है।
IFMS
यह एक वित्त प्रबंधन की तकनीक है। जिसके माध्यम से सभी प्रकार के वित्तीय नियोजन के कार्य संपन्न होंगे इस तकनीक का एक सबसे बड़ा फायदा यह होता है। इससे फिजूलखर्ची पर पाबंदी लगती है तथा वित्त को नियोजित रूप से व्यय करने में सहायता मिलती है।
राजीव गांधी सेंटर फॉर आईटी डेवलपमेंट एंड ई गवर्नेंस के लाभ
- इस सेंटर से सरकार की ई गवर्नेंस की व्यवस्था मजबूत होगी। जिससे सरकारी कार्यों में उपयोग में आने वाले IT संबंधी उपकरण तथा आईटी संबंधी सॉफ्टवेयर को विकसित किया जाएगा। जिससे सरकारी कार्यों को नियमित रूप से करने में सहायता मिलेगी।
- राजीव गांधी सेंटर फॉर आईटी डेवलपमेंट एंड ई गवर्नेंस के माध्यम से ऐसे सॉफ्टवेयर एवं उपकरणों को विकसित किया जाएगा। जिनका उपयोग शैक्षणिक संस्थानों, औद्योगिक संस्थानों, सरकारी विभागों तथा नए स्टार्टअप को अपना इकोसिस्टम विकसित करने में सहायता प्रदान करेंगे।
- इस संस्थान के माध्यम से आईटी स्नातकों, गैर तकनीकी वर्ग के छात्रों तथा अन्य सरकारी विभाग के कर्मचारियों को नवीनतम तकनीक में दक्ष किया जाएगा। इन तकनीकों के माध्यम से रोजगार के नए अवसर खुलेंगे और वर्तमान में कार्यरत कर्मचारियों की कार्यकुशलता विकसित होगी।
- वर्तमान में चल रही है ऑनलाइन धोखाधड़ी, साइबर अपराध तथा अन्य प्रकार के ऑनलाइन अनैतिक कार्यों के रोकथाम में मदद मिलेगी।
राजस्थान सरकार की अन्य योजनायें : मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा छात्रवृति योजना 2023
यह राजस्थान सरकार द्वारा ब्लॉकचैन, डाटा और साइबर सिक्योरिटी, एकीकृत वित्त प्रबंधन और ई-गवर्नेंस को बेहतर बनाने और प्रशिक्षण देने के लिए एक संस्थान है।
इसकी स्थापना राजस्थान की राजधानी जयपुर के खेतान पॉलीटेक्निकल कॉलेज परिसर में होगी ?
इस सेंटर के स्थापना के लिए तक़रीबन 147.55 करोड़ रु प्रस्तावित हुए है।